आदिवासी साहित्य

आदिवासी साहित्य · आदिवासी दर्शन और समकालीन साहित्य सृजन त्रैमासिकी
प्रवेशांक · वर्ष 1 · अंक 1 · जनवरी–मार्च 2015

प्रवेशांक

आदिवासी दर्शन और समकालीन साहित्य सृजन पर केंद्रित पत्रिका का प्रथम अंक। वर्ष 1, अंक 1, जनवरी–मार्च 2015।

आदिवासी साहित्य : अवधारणा और आंदोलन

डॉ. गंगा सहाय मीणा द्वारा आदिवासी साहित्य की अवधारणा, परंपरा, आंदोलन और वैचारिकी पर केंद्रित लेख।

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पत्रिका के स्तंभ

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पुरखा साहित्य

पुरखों की स्मृति, मौखिक परंपरा और आदिवासी साहित्य की विरासत।

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कहन-गायन

कहानियाँ, कथाएँ, गीत और आदिवासी मौखिक अभिव्यक्ति के विविध रूप।

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मुँहामुँही

संवाद, बातचीत और विचारों के प्रत्यक्ष आदान-प्रदान का मंच।

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दर्शन-वैचारिकी

आदिवासी दर्शन, विचार, समाज और समकालीन प्रश्नों पर विमर्श।

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रंग-रोगन

आदिवासी कला और फिल्म सहित दृश्य-संस्कृति से संबंधित सामग्री।

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देस-दिसुम

आदिवासी जीवन, संघर्ष, भूगोल और समकालीन सामाजिक सरोकार।

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सकम

आदिवासी समाज, इतिहास, कहानियों और जीवन-अनुभवों से जुड़ी सामग्री।

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अखड़ा

आदिवासी साहित्य और दर्शन से जुड़े विविध विचारों और रचनाओं का साझा मंच।

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आदिवासी भाषाएँ

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समाज एवं संस्कृति

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संस्कृति

लोक परंपराएँ, कला, उत्सव, स्मृति और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी सामग्री।

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समाज

आदिवासी समाज, जीवन-दृष्टि और समकालीन प्रश्नों पर सामग्री।

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साक्षात्कार

लेखकों, शोधकर्ताओं और रचनाकारों के साथ संवाद।

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आदिवासी साहित्य

आदिवासी भाषाओं, साहित्य, समाज, संस्कृति, ज्ञान-परंपराओं और समकालीन विमर्श से संबंधित सामग्री के लिए यह डिजिटल मंच विकसित किया गया है।

आदिवासी पुरखा साहित्‍य : संग्रह की समस्‍याएं एवं संकलन प्रणाली - सुरेश जगन्‍नाथम
आदिवासी पुरखा साहित्‍य : संग्रह की समस्‍याएं एवं संकलन प्रणाली - सुरेश जगन्‍नाथम आदिवासी साहित्‍य, अंक-1 जनवरी-मार्च 2015
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एक और जनी शिकार - ग्रेस कुजूर
कहां है वह फुटकल का गाछ जहां चढती थी मैं साग तोड़ने और गाती थी तुम्‍हारे लिए फगुआ के गीत? जाने किधर है कोमल पत्तियों वाला कोयनार का गाछ जिसके नीचे तुम  बजाया करते थे मांदर और बांसुरी? कहां गई वह सुगंंध महुआ और डोरी की? गूलर और केयोंद की कहां खो गया बांसों का संगीत और जाने कहां उड़ गई संधना की सुगं…
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धार के विपरीत - ग्रेस कुजूर
ऐसा क्‍यों होता है कि गांव की काकी के खेतों में कोई हल नहीं चलाता और घर के उसके टूटे छप्‍पर से बारिश के दिनों में झरता है पानी झर... झर... लेकिन कल जोरदार बारिश हुई है नदी नालों में बहते पानी की तेज धार के विपरीत चढ आई हैं मछलियां उसके ऑंगन तक 'छत चढ़ने का अधिकार नहीं' यह जानते हुए भी चढ़ …
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शोध के प्रकार
विषय व क्षेत्र की जरूरत के आधार पर शोध कार्य के दौरान उपयोग में लाई गई प्रविधि विशेष के कारण शोध का एक अलग आकार, एक विशेष स्‍वरूप विकसित होता है। वास्‍तव में ये शोध के विभिन्‍न मेथड हैं। शोध के इन भिन्‍न स्‍वरूपों को शोध के प्रकारों के रूप में जाना जाता है। मसलन, इतिहास के किसी कालखंड, व्‍यक्ति य…
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